( अनुज्ञा बुक्स से आई पत्रकार डॉक्टर अरविंद दास की किताब ' मीडिया का मानचित्र ' की समीक्षा कर रहे हैं वरिष्ठ पत्रकार अशोक झा. यह किताब भारतीय मीडिया के विभिन्न पहलुओं की पड़ताल करती है. ) पत्रकारिता कितना दिलचस्प है इसे कोई पत्रकार ही समझ सकता है. दूसरे लोग किनारे पर खड़े होकर पानी कितना गहरा है इसका अंदाज़ा भर लगा सकते हैं. और यह भी कि हर पत्रकार के पास एक पत्रकार के रूप में अपने पेशे (पत्रकारिता) और न्यूज़रूम के बारे में कहने को बहुत कुछ होता. ये बातें काफ़ी दिलचस्प होती हैं क्योंकि यह उनके पेशे और जिस खबर को वे लिखते-संवारते हैं उसके साथ इसका बहुत ही निकट का संबंध होता है. खबरों के साथ होने वाला ' खेल ' और उस खेल को लेकर न्यूज़ रूम में होने वाली बहस काफ़ी दिलचस्प होती है. इस विषय पर किसी भी पोथी के हाथों-हाथ बिक जाने के बारे में किसी शक की कोई गुंजाइश नहीं है. पर हम एक ऐसी पुस्तक का ज़िक्र कर रहे हैं जिसे लिखा है हिंदी में मीडिया पर शोधपरक पुस्तक लिखने वाले अरविंद दास ने. ‘ मीडिया का मानचित्र ’ मीडिया पर उनकी दूसरी पुस्तक है. पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री रखने ...